- रैम्प योजना के अंतर्गत सीएफटीआरआई, मैसूर में MSMEs एवं स्टार्टअप्स की तकनीकी एक्सपोज़र विजिट सफलतापूर्वक संपन्न
- Technical Exposure Visit of MSMEs and Startups Successfully Concludes at CFTRI, Mysuru under RAMP Scheme
- Dhvani Bhanushali Receives Warm Appreciation from Gajraj Rao for Papa Hero Tum Mere Track from Her Album ‘Feels’, Singer Reacts
- ईडीआईआई और सीएसआईआर-सीडीआरआई, लखनऊ ने संयुक्त रूप से टेक्नोलॉजी शोकेस एंड एडॉप्शन वर्कशॉप का आयोजन किया
- Varun Dhawan Turns Host for the First Time for IIFA 2027
दिनेश शाहरा द्वारा लिखित पुस्तक सिंप्लीसिटी एंड विज्डम का विमोचन
स्वामी प्रज्ञानानंदजी को समर्पित पुस्तक – सिंप्लीसिटी एंड विज्डम का इंदौर में हुआ लोकार्पण
इंदौर. प्रसिद्ध उद्योगपति और लोकपरोपकारी श्री दिनेश शाहरा की पुस्तक, ‘सिंप्लीसिटी एंड विजडम’ का आज इंदौर में विमोचन हुआ। यह पुस्तक प्रख्यात वेदांती स्वर्गीय स्वामी प्रज्ञानानंदजी को समर्पित है।
इस पुस्तक को औपचारिक रूप से ओमानंद योगाश्रम के प्रमुख स्वामी ओमानंद सरस्वती द्वारा लॉन्च किया गया था। इस अवसर पर भारतीय पत्रकार, लेखक, खेल कमेंटेटेर पद्मश्री सुशील दोषी के साथ-साथ शाहरा परिवार के लोग भी उपस्थित थे।
यह पुस्तक मुख्य रूप से समग्र और सुखी जीवन जीने के लिए संत ज्ञान और मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से लिखी गई है।
उन्होंने कहा, “मैं इसे भारत के पारंपरिक ज्ञान को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई पहल का हिस्सा बनाना चाहता हूं।”
स्वामी ओमानंद जी ने कहा, “वेदान्तिक विचार आपकी वास्तविक क्षमता को खोजने के लिए जीवन में ‘आगे बढ़ने’ की आवश्यकता को दोहराते हैं। वेदांत का ज्ञान जीवन की सबसे जटिल चुनौतियों को भी सरल बना सकता है।
सादगी और बुद्धिमत्ता हमारे दिन-प्रतिदिन के जीवन की जटिल भावनात्मक चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहने के उद्देश्य को पूरा कर सकती है।”
विमोचन के मौके पर, प्रख्यात उद्योगपति और लोकपरोपकारी श्री दिनेश शाहरा ने कहा, “स्वर्गीय गुरु स्वामी प्रज्ञानानंद जी जैसे आध्यात्मिक गुरुओं की बुद्धिमत्ता संपूर्ण मानवता के लिए विरासत है।
मैं, इस पुस्तक के माध्यम से इसे सार्वजनिक स्थान पर लाने का माध्यम बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। इस पुस्तक के माध्यम से मेरा उद्देश्य वैदिक ज्ञान को बढ़ावा देने में मदद करना है और इस तरह जीवन की सबसे जटिल चुनौतियों को आसान बनाना है।”


